लखनऊ विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक दीवारों के भीतर एक ऐसा रहस्य दबा है, जिसकी गूँज साठ-सत्तर वर्ष पुरानी है। विश्वविद्यालय का चंचल छात्र शान्तनु अनजाने में उस कलश को खोद निकालता है और सदियों पुराना वह भयानक बंधन टूट जाता है। पिशाच क्षण भर में शान्तनु के चैतन्य को कुचलकर उसके नश्वर शरीर पर पूर्ण आधिपत्य जमा लेता है।
यहीं से शुरू होता है उन ५ मित्रों का मानसिक और आध्यात्मिक युद्ध। प्रभव (मूक दृष्टा), प्रिया (आध्यात्मिक आधार), हर्ष (तार्किक योद्धा), गौरव (शारीरिक रक्षक) और निशान्त (इतिहास अन्वेषक) खुद को विभाग के एक बंद सभागार में कैद पाते हैं। क्या उनका ज्ञान उन्हें बचा पाएगा?
The Seer
The Entity